74 साल पहले जिनके थे हम गुलाम
आज वो भी करते है हमारे तिरंगे को सलाम
ये देश है ही इतना महान।
बॉर्डर पे खड़े सैनिक गवा देते है अपनी जान
ताकि बचा सके वो इस तिरंगे की शान
ये देश है ही इतना महान।
संस्कृतियों के लिए जानता है इसे पूरा जहान
अनेकता में एकता ही है इस देश कि जान
ये देश है ही इतना महान।
बच्चे हो या महिला झुकने नहीं देता कोई इस देश का मान
चांद हो या मंगल ग्रह हर जगह लेहराई है देश की शान
ये देश है ही इतना महान।
यहां जय है जवान जय है किसान
हर कोई देश के लिए देने को तैयार है अपनी जान
ये देश है ही इतना महान।
Really a nice poem 💯💯💯
ReplyDeleteI like yours poem
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